दोस्त

हम सबका एक दोस्त होता है, एक क्षण भी अधूरा लगता है जिसके बिना, हर खुशी अधूरी है जिसके बिना। हम सबका एक दोस्त होता है, मां-बाबा को जो बिल्कुल ना भाता हो, फिर भी उससे बात करने से सुकून आता हो। हमें डांटता हो हमारी गलतियों पर, हर जीत अधूरी लगती हो जिसके बिना। हम सबका एक दोस्त होता है। चाहे वह मीलों दूर हो हमसे, पर दिल के बेहद करीब होता है। उससे मिलने की बेचैनी जब हो, तब-तब वो दरवाजे पर दस्तक देता है, यकीनन हम सबका एक दोस्त होता है।

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जिंदगी में उनकी जगह….

समझ नहीं आता कि मैं अपनी जिंदगी में तुम्हें कहां पर रखू। सांसे उलझ जाती हैं अगर सांसों में तुम्हें रखता हूं। ख्वाइशें मचल जाती हैं अगर मन में तुम्हें रखता हूं। आंखें भर आती हैं अगर आंखों में तुम्हें रखता हूं। धड़कनें रुक जाती हैं अगर दिल में तुम्हें रखता हूं। नींदें रूठ जाती हैं अगर ख्वाबों में तुम्हें रखता हूं। समझ नहीं आता कि मैं अपनी जिंदगी में तुम्हें कहां पर रखू।….……shreen.

मां …

मां मैं आज फिर से रोना चाहता हूं, आपके पास आना चाहता हूं। मैं अंदर से टूट जाना चाहता हूं, मैं खुद से नफरत करना चाहता हूं। वो बचपन का टिफिन बॉक्स बहुत याद आता है, उसको स्कूल पहुंचने से पहले खाना बहुत याद आता है। इस घर की दीवारें भी मुझे अजनबियों की तरह घूरती हैं, शायद एहसास कराती हैं कि तू कभी अपना था ही नहीं। मतलब के समुद्र से निकलकर अपेक्षाओं की नदी में डूब रहा हूं, मैं अंदर से टूट जाना चाहता हूं। मैं खुद से नफरत करना चाहता हूं, मां मैं आज फिर से रोना चाहता हूं।…shreen

मुस्कान

आपके हसीन होठों पे हर लम्हे यही मुस्कान बनी रहे। हर गमों से आप हमेशा अनजान बनी रहे। आपके पास हमेशा वह इंसान बना रहे, जिसके साथ होने से आपका जीवन हमेशा महकता रहे। मेरी यही दुआ है कि आपके जीवन के हर पल में खुशियां भरी रहे। आपकी हर दुआ, हर ख्वाहिश कबूल हो और हर लम्हे यही मुस्कान बनी रहे…. जन्मदिन मुबारक हो…..shreen

आग

ये आग भू ख मिटा देती हैं, यदि चूल्हे मैं लगे। यह आग इंसान को मिटा देती है, यदि चिंता में लगे। यह आग प्यार जगा देती है, यदि दिलों में लगे। यह आग बस्तियां जला देती है, यदि नफरत में लगे। यह आग जगह पवित्र कर देती है, यदि हवन कुंड में लगे। यह आग अंधेरा हटा देती है, यदि दीपक में लगे। इंसान का जीवन बस इसी आग के हवाले ही तो है .…

जीवन का रास्ता

मैं जीवन के रास्ते में भटक जाता, तो अच्छा होता। मैं जीवन के रास्ते में कुछ देर रुक जाता, तो अच्छा होता। मैं जीवन के रास्ते में पानी की तरह बहता गया, दरिया बन जाता तो अच्छा होता। मैं जीवन के रास्ते मैं औरो का कहा करता गया, पत्थर बन जाता तो अच्छा होता। मैं जीवन के रास्ते मैं जबरन ईश्वर से गिला करता रहा, में किस्मत लिख देता तो अच्छा था। मैं जीवन के रास्ते मैं खुद को बदलता ही गया, मैं खुदगर्ज बन जाता तो अच्छा था।…….shreen.

ख्वाहिश

तेरे अंतर्विरोध से मेरी ख्वाहिश नहीं बदलेगी। तुम दुनियां को बता क्यों नहीं देती स्वम ही जूझती रहतीं हो, महीनों बीतने वाले हैं या तो एकदम पास अा जाओ, या बिलकुल दूर चली जाओ, तेरे अंतर्विरोध से मेरी ख्वाहिश नहीं बदलेगी।